RUDRAPUR UTTRAKHAND

कुमांऊ कमिश्नर ने विकास कार्यो की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए ये निर्देश

Summary

रूद्रपुर। आयुक्त कुमांऊ मण्डल अरविन्द सिह हृयांकी ने संचालित किये जा रहे विकास कार्यो की गहनता से कलक्टेªट सभागर में समीक्षा की। आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल श्री ह्यांकी ने जनपद में संचालित हो रहे विकास कार्यों जिला योजना, राज्य सैक्टर, केन्द्र […]

रूद्रपुर। आयुक्त कुमांऊ मण्डल अरविन्द सिह हृयांकी ने संचालित किये जा रहे विकास कार्यो की गहनता से कलक्टेªट सभागर में समीक्षा की। आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल श्री ह्यांकी ने जनपद में संचालित हो रहे विकास कार्यों जिला योजना, राज्य सैक्टर, केन्द्र पोषित व वाह्य सहायतित योजनाओं में आवंटित बजट के सापेक्ष व्यय तथा लम्बित बजट की समीक्षा की गई। उन्होने जिला योजना व अन्य योजनाओं में आंवटित बजट को अब तक 82.65 प्रतिशत व्यय करने पर प्रसन्ता व्यक्त करते हुये का कि कुमांऊ के सभी जनपदो से अच्छा कार्य किया गया है। उन्होने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में काफी कम समय शेष है ऐसे में आवंटित धनराशि का सदुपयोग करते हुये विकास कार्यो को धरातल पर उतारा जाए।

बैठक में आयुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में कोराना संक्रमण के कार्यों के कारण विकास कार्यों की गति धीमी हुई है लेकिन अब विकास कार्यों को पूर्ण गति देने के लिए सम्बन्धित अधिकारी लम्बित निर्माण कार्यों को गति देते हुए उन्हें धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें ताकि आम लोगो को योजनाओं का लाभ मिल सके। आयुक्त ने निर्देश दिये कि जिन विभागों ने जिला योजना व अन्य मदो में व्यय नही किया है वे शीघ्र टेण्डर निकाल कर व्यय करना सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेषकर लोक निर्माण विभाग, समाज कल्याण, कृषि, रेशम, उद्यान, खेल कूद विभाग, उद्योग, उरेडा, चिकित्सा, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, गन्ना, लघु सिंचाई, पंचायतीराज, जलसंस्थान, जिला पंचायत व पेयजल निगम के अधिकारियों को स्वीकृत बजट को प्राथमिकता के आधार पर व्यय करने के निर्देश दिये।
उन्होने पूल्ड आवास की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को पूल्डआवास योजना के तहत शीघ्र टेंडर कराने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन पर कार्य करते हुये 15 दिन के भीतर शेष कार्यो को पूर्ण करने के निर्देश दिये ताकि ससमय बजट का उपभोग हो सके। उन्होने कहा निर्माणदायी संस्थाओं/विभागीय अधिकारियो को निर्देश दिये कि कार्यो में पारदर्शिता व गुणवत्ता तथा समयबद्धता का विशेष ध्यान रखते हुये विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि जिन विभागों के प्रस्ताव प्राप्त हो गये है वे शीघ्र ही टेण्डर व अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करें। उन्होने कहा कि क्षेत्र में किये गये विकास कार्यो की जानकारी मा0 जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाते हुये कार्यो योजना तैयार करें ताकि क्षेत्रीय जनता की सुविधा के अनुसार कार्य संचालित किये जाय। उन्होने कहा कि जिला योजना आम लोगों के प्रति छोटे-छोटे विकास कार्यो लिये होती है जिसे अधिकारी गम्भीरता से लेते हुये साकारात्मक सोच के साथ कार्य करंे।
आयुक्त श्री हृयांकी ने रोजगार परक योजनाओं की समीक्षा करते हुये उद्योग, पर्यटन नगर निकाय विभागो की जो स्वरोजगार योजनायें संचालित हैं उसका लाभ लाभार्थी तक पहुचाने के लिए दूर क्षेत्रो मे जाकर लोगो को जानकारी दें व सम्बन्धित बैक से समन्वय कर लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने लिए समन्वय की भूमिका का निर्वहन करें। उन्होने तालाबो की समीक्षा करते हुये कहा कि कोई भी तालाब अतिक्रमण व बन्द न हो इस पर विशेष ध्यान रखा जाय। उन्होने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिये कि सभी तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाय। उन्होने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने क्षेत्र तालाबों के सम्बन्ध में मासिक बैठक कर मत्स्य पालको द्वारा अर्जित की गयी धनराशि के बारे में विस्तृत जानकारी रखे। उरेड विभाग को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के लिए लोगों को प्रेरित करें तथा प्राप्त आवेदनो को तत्काल आॅनलाइन करते हुये शीघ्र कार्य प्रारम्भ करायें। उन्होनेे कहा कि ग्रोथ सेन्टरो ंके माध्यम से स्थानीय लोगो विशेषकर महिलाओ की आर्थिकी विकास किया जा सकता है ऐसे मे उद्योग एवं ग्राम विकास विभाग को संयुक्त रूप से ग्रोथ सेन्टर के माध्यम से आजीविका बढाने के कार्य करने चाहिए।

आयुक्त श्री हृयांकी ने कहा कि कोविड 19 संक्रमण की रोक-थाम के लिये जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग ने जो सराहनीय कार्य किया है उसके लिये पूरी टीम बधाई के योग्य है। मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणा की समीक्षा करते हुये सम्बन्धित अधिकारियों निर्देश दिये कि घोषणाओं को गम्भीरता से लेते हुये प्राथमिकता के आधार पर जनहित में कार्यो को पूर्ण किया जाये।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू ने बताया कि जनपद में जिला योजना के अन्तर्गत 4938.00 करोड अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 4081.37 करोड अवमुक्त हुये हैं जिसके सापेक्ष 3354.20 करोड व्यय हुये अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष आवंटित धनराशि का 82.65 प्रतिशत व्यय कर लिया गया है। इसी तरह राज्य सेेक्टर में 43401.94 करोड के सापेक्ष 19473.84 करोड अवमुक्त हुआ है जिसमें से 15502.32 करोड व्यय हुये हैं। केन्द्र पोषित सेक्टर में 29153.91 करोड के सापेक्ष 14278.85 करोड के सापेक्ष 11976.56 करोड व्यय हुये हैे।
उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 200 लक्ष्य के सापेक्ष 526 आवेदन पत्र बैंकों को स्वीकृत हेतु भेजे गये, जिसमे से बैकों द्वारा 148 आवेदन पत्रो पर ऋण स्वीकृत करते हुये 116 आवेदन पत्रो पर ऋण वितरित कर दिया गया है। वीरचन्द्र गढवाली योजना के अन्तर्गत 14 प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष 17 आवेदन पत्र बंैको को भेजे गये जिसमे से 06 आवेदन पत्रो पर ऋण वितररित किये गये है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत 119 लक्ष्य के सापेक्ष 709 आवेदन पत्र ऋण स्वीकृति हेतु विभिन्न बैकों को भेजे गये जिसमे से 154 आवेदन पत्र स्वीकृत करते हुये 84 लाभार्थियो को ऋण वितरित किया गया है तथा 480 लोगो को रोजगार दिये गये है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री राजकुमार ठुकराल, श्री हरभजन सिंह चीमा, एसएसपी दलीप सिंह कुवंर, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, अपर जिलाधिकारी जगदीश चन्द्र काण्डपाल, उत्तम सिंह चैहान, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण बंशीधर तिवारी, क्षेत्रीय प्रबन्धक सिडकुल पारितोष वर्मा, मुख्य नगर आयुक्त रिंकु बिष्ट, सीएमओ डा0 डीएस पंचपाल, संयुक्त मजिस्टेªट गौरव कुमार, विशाल मिश्रा, उप जिलाधिकारी निर्मला बिष्ट, विवेक कुमार, मुक्ता मिश्र, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य, मुख्य उद्यान अधिकारी एचसी तिवारी के अलावा अन्य विभागीय अधिकारी रहे ।

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