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DEHRADUN UTTRAKHAND

शिथिलीकरण नियमावली 2010 पर धामी सरकार के ऐतिहासिक फैसले से कार्मिक-शिक्षक गदगद, सचिवालय संघ व कार्मिक महासंघ अध्यक्ष दीपक जोशी ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर कहा- थैंक्यू!, एसीपी,पुरानी पेंशन पर एक्शन का मिला आश्वासन

Summary

देहरादून: मंगलवार को उत्तराखण्ड सचिवालय संघ एवं उत्तराखंड अधिकारी-कार्मिक-शिक्षक महासंघ द्वारा उठायी गयी शिथिलीकरण नियमावली-2010 को पुनः लागू करने की मांग का क्रियान्वयन कार्मिक विभाग के स्तर से कर दिया गया। इसके जरिए वर्ष 2016 से शिथिलीकरण नियमावली 2010 पर […]

देहरादून: मंगलवार को उत्तराखण्ड सचिवालय संघ एवं उत्तराखंड अधिकारी-कार्मिक-शिक्षक महासंघ द्वारा उठायी गयी शिथिलीकरण नियमावली-2010 को पुनः लागू करने की मांग का क्रियान्वयन कार्मिक विभाग के स्तर से कर दिया गया। इसके जरिए वर्ष 2016 से शिथिलीकरण नियमावली 2010 पर लगी रोक को हटाते हुए प्रदेश सरकार ने इस नियमावली को फिलहाल वर्तमान चयन वर्ष की समाप्ति (30 जून 2022) तक लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस आदेश से अब पूर्व की भांति प्रदेश कार्मिकों-शिक्षकों को सम्पूर्ण सेवाकाल में अर्हकारी सेवावधि में 50 प्रतिशत की छूट/शिथिलता एक बार के लिए अनुमन्य होगी।

इस बड़ी सफलता पर सचिवालय संघ एवं उत्तराखण्ड अधिकारी-कार्मिक शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए राज्य के मुख्य सचिव डा0 एस0एस0 संधू से देर सांय मुलाकात कर उनका प्रदेश कार्मिक-शिक्षकों की ओर से विशेष धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। साथ ही इस मांग को पूर्ण करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सचिव, कार्मिक विभाग का भी धन्यवाद व आभार प्रकट किया गया है। अध्यक्ष दीपक जोशी ने उम्मीद जताई है कि सरकार के स्तर से प्रदेश के कार्मिकों-शिक्षकों के हित में इसी तरह सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे तथा कर्मचारी वर्ग की जायज मांगों का निस्तारण त्वरित गति से होगा।

मंगलवार को मुख्य सचिव से हुई मुलाकात व धन्यवाद ज्ञापन के दौरान जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के निवर्तमान प्रांतीय महामंत्री राजेन्द्र बहुगुणा की उपस्थिति में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ज्वलंत समस्याओं और प्रदेश कार्मिक-शिक्षकों की पदोन्नति, एसीपी देय तिथि में की जाय, पुरानी एसीपी बहाली, पुरानी पेंशन बहाली आदि गम्भीर जायज मांगों का निराकरण एक नियत सीमा के अन्तर्गत किये जाने जैसी महत्वपूर्ण माँगों पर महासंघ की ओर से लगभग आधे घण्टे तक अपनी बात व तर्क रखे गये।

मुख्य सचिव के स्तर से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को प्रदेश हित एवं अध्ययनरत बच्चों के अनुरूप बनाये जाने के लिये महासंघ से महत्वपूर्ण सुझाव मांगे गये हैं तथा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आदर्श बनाने के लिये महासंघ, शिक्षक संघ के साथ आवश्यक बैठक शीघ्र किये जाने की बात कही गयी।

मुख्य सचिव डॉ संधू को संगठनों के साथ होने वाली बैठकों में निर्गत होने वाले कार्यवृत्त का क्रियान्वयन हर हाल में कराये जाने का अनुरोध किया गया। मुख्य सचिव की ओर से कार्मिक-शिक्षक वर्ग की जायज मांगों पर तत्काल निर्णय कराये जाने के सकारात्मक आश्वासन के साथ प्रदेश के कार्मिक सेवा संघों से राज्य के विकास हेतु भी कर्तव्यों का पूर्ण निर्वहन करते हुए राज्य को एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की भी अपील की गयी। आज राज्य स्थापना दिवस की बधाईयों का परस्पर आदान प्रदान किया गया। साथ ही गोल्डन कार्ड का संशोधित शासनादेश जल्दी निर्गत किये जाने का अनुरोध तथा संशोधित शासनादेश निर्गत होने के बाद पुनः मुख्य सचिव का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किये जाने की वचनबद्धता पर भेंट वार्ता का समापन हुआ।

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