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बड़ी खबर..केंद्र सरकार ने कहा कि कोविड काल में आक्सीजन की कमी से नहीं हुई थी कोई मौत..राज्य सरकारों के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर दिया बयान..इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा…

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दिल्ली संसद के मानसून सत्र में कोविड काल का आक्सीजन की कमी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है । दरअसल केंद्र सरकार के मुताबिक कोरोना काल में आक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है । केंद्र […]

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संसद के मानसून सत्र में कोविड काल का आक्सीजन की कमी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है । दरअसल केंद्र सरकार के मुताबिक कोरोना काल में आक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है । केंद्र सरकार के इस लिखित बयान के बाद विपक्ष ने चौतरफा केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है । कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा है कि” सिर्फ आक्सीजन की ही कमी नहीं थी संवेदनशीलता व सत्य की भारी कमी …तब भी थी आज भी है “
आपको बताते चलें कि कोविड काल में आक्सीजन की कमी से बदहाल हालात किसी से छिपे नहीं थे । लेकिन केंद्र सरकार का ये बयान राज्यों से आई स्वास्थ्य रिपोर्ट के हिसाब से दिया गया है ।


हालांकि, केंद्र सरकार ने यह माना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की डिमांड काफी बढ़ गई थी। दरअसल कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सरकार से पूछा था कि क्या यह सच है कि Covid-19 की दूसरी लहर में कई सारे कोरोना मरीज सड़क पर और अस्पताल में इसलिए मर गए क्योंकि ऑक्सीजन की किल्लत थी? इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने इस सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि ‘स्वास्थ्य राज्य का विषय है। सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना के दौरान हुई मौतों के बारे में सूचित करने के लिए गाइडलाइंस दिये गये थे। किसा भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि किसी की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है।’
स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने आगे बताया कि महामारी की पहली लहर के दौरान, इस जीवन रक्षक गैस की मांग 3095 मीट्रिक टन थी जो दूसरी लहर के दौरान बढ़ कर करीब 9000 मीट्रिक टन हो गई। उनसे पूछा गया था कि क्या दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। पवार ने बताया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश कोविड के मामलों और मौत की संख्या के बारे में केंद्र को नियमित सूचना देते हैं। उन्होंने बताया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड से मौत की सूचना देने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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