DEHRADUN UTTRAKHAND

बडी खबर .. उत्तराखंड वासियों को धामी सरकार का बड़ा तोहफा, देखिए उत्तराखंड के इन शहरों में शुरू हुई हैली सेवा, किराया सहित जानिए पूरा विवरण

Summary

देहरादून: आज उत्तराखंड के लिए गुड न्यूज का डबल डोज है. पहला, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 250 करोड़ रु की लागत से बने जौलीग्रांट एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। अगली बार […]

देहरादून:

आज उत्तराखंड के लिए गुड न्यूज का डबल डोज है. पहला, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 250 करोड़ रु की लागत से बने जौलीग्रांट एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। अगली बार जब आप हवाई सफर पर निकलेंगे तो आपको नए टर्मिनल पर उतराखंड की कल्चर, राज्यपुष्प ब्रह्मकमल की झलक दिखाने के लिए निर्मित तीन स्तंभ और चारधाम की झलक से लेकर आधुनिक सुविधाओं का अहसास होगा।आज के उद्घाटन के बाद सेकेंड फेज में 100 करोड़ रु के काम शुरू होंगे।

दूसरा, आज उड़ान योजना के तहत उत्तराखंड से राज्य के कई रूटों यानी शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू होगी। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नई हेली सर्विस का उद्घाटन करेंगे।
शुक्रवार से उड़ान योजना के तहत हैरिटेज कंपनी की ओर से सहस्त्रधारा से गौचर और चिन्यालीसौड़ के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू की जाएगी। जबकि पवन हंस की ओर से जौलीग्रांट से श्रीनगर और गौचर के लिए सीधी हेली सर्विस शुरू हो जाएगी। पवन हंस की देहरादून से हल्द्वानी, पंतनगर-पिथौरागढ़, देहरादून-पिथौरागढ़ वाया हल्द्वानी हेली सेवा भी शुरू हो जाएगा।

आज से राज्य के कई शहरों को कनेक्ट करने को शुरू हो रही हेली सर्विस का किराया ये रहेगा?

देहरादून से हल्द्वानी के लिए 5683 रु किराया
पंतनगर से पिथौरागढ़ 4625 रु
देहरादून से पिथौरागढ़ 7999 रु
जौलीग्रांट से गौचर 4625 रु
सहस्त्रधारा से चिन्यालीसौड़ 2500 रु
सहस्त्रधारा से गौचर 3000 रु
जौलीग्रांट से श्रीनगर 3581 रु

यानी अब अगर इमरजेंसी कार्य है या घुमक्कड़ी करनी है तो पहाड़ चढ़ने के लिए बारिश और भूस्खलन से बंद हो जाने वाले मार्गों के खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लेकिन सवाल यही है कि हेली सेवाओं में निरंतरता बनी रहे तभी इसका फायदा मिल पाएगा क्योंकि पिथौरागढ़ को कनेक्ट करने को लेकर खूब प्रयास होते रहे हैं लेकिन हवाई सेवा की निरंतरता बनाए रखने चुनौती बनता रहा हैं।

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